चांडिल, 20 अप्रैल : सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत हाँसाडूंगरी में पिछले दो सप्ताह से बिजली संकट गहराता जा रहा है। भीषण गर्मी के बीच हजारों लोग बिना बिजली के जीवन यापन करने को मजबूर हैं। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को मोबाइल चार्ज करने के लिए भी इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार करीब दो सप्ताह पहले 100 KVA का ट्रांसफार्मर खराब हो गया था। इसके बाद उपभोक्ताओं ने चांडिल विद्युत अवर प्रमंडल के सहायक अभियंता को आवेदन देकर 200 KVA क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की थी। लोगों का कहना था कि क्षेत्र में उपभोक्ताओं की संख्या अधिक है, ऐसे में कम क्षमता का ट्रांसफार्मर बार-बार खराब होना तय है।
लेकिन बिजली विभाग ने इस मांग को नजरअंदाज करते हुए 14 अप्रैल को पुनः 100 KVA का ही ट्रांसफार्मर लगा दिया, जो महज डेढ़ घंटे में ही जल गया। इसके बाद 16 अप्रैल को फिर 100 KVA का ट्रांसफार्मर लगाया गया, जो ढाई घंटे में ही खराब हो गया।
लगातार विफलता के बावजूद विभाग ने 18 अप्रैल को नया प्रयोग करते हुए दो 100-100 KVA के ट्रांसफार्मर लगाकर उपभोक्ताओं को दो हिस्सों में बांट दिया। लेकिन इसमें भी गंभीर खामी सामने आई—दो में से एक ट्रांसफार्मर खराब है, जबकि दूसरा चालू होने की स्थिति में है।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब जिन उपभोक्ताओं के हिस्से में खराब ट्रांसफार्मर आया, उन्होंने दूसरे ट्रांसफार्मर को चालू करने का विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना है कि जब तक दोनों ट्रांसफार्मर ठीक कर एक साथ चालू नहीं किए जाते, तब तक किसी एक को चालू नहीं होने दिया जाएगा।
रविवार शाम जब बिजली विभाग के मिस्त्री ट्रांसफार्मर चालू करने पहुंचे, तो स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया और काम को रुकवा दिया। अंततः विभाग को बिना काम किए ही लौटना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभाग बार-बार अस्थायी समाधान देकर समस्या को और बढ़ा रहा है, जबकि स्थायी समाधान के तौर पर उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया जाना चाहिए था।
इस पूरे मामले ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जल्द ही उचित कदम नहीं उठाए गए, तो लोगों का आक्रोश और बढ़ सकता है।