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चांडिल, 13 अप्रैल : चांडिल अनुमंडल में आयोजित भव्य छऊ नृत्य सम्मेलन इस बार सिर्फ सांस्कृतिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि कलाकारों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की बुलंद आवाज बनकर सामने आया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों और लोक धुनों के बीच कलाकारों ने अपनी वर्षों पुरानी उपेक्षा को खुलकर व्यक्त किया।
सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत जामडीह कला केंद्र में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि सह जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने अपने संबोधन में छऊ नृत्य को क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बताते हुए इसके संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया, साथ ही कलाकारों के योगदान को सम्मान देने की आवश्यकता भी रेखांकित की।




