चांडिल, 02 अपैल : भारत को खुले में शौच मुक्त बनाने, हर घर में शौचालय सुनिश्चित करने और सड़कों व बुनियादी ढांचे को साफ करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया था। भारत सरकार का एक प्रमुख राष्ट्रीय अभियान है, जो महात्मा गांधी के “स्वच्छ भारत” के सपने को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। वहीं चांडिल में सरकार के इस महत्वाकांक्षी अभियान की पोल खुल रही है। प्रशासन इस महत्वाकांक्षी अभियान को धरातल पर किस प्रकार उतार रही है यह देखना है तो चांडिल बाजार का बस स्टैंड का क्षेत्र बेहतर साबित हो सकता है।
चांडिल बस स्टैंड के पास सड़क किनारे इन दिनों गंदगी का अंबार लगा है।गंदगी के कारण न सिर्फ चांडिल वातावरण प्रदूषित हो रहा है बल्कि चांडिल की छवि भी धूमिल हो रही है। इस रास्ते गुजरने वाले राहगीर नाक में रूमाल लेकर गुजरने पर विवश हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण चांडिल बाजार में कचड़ा फेंकने के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं है और ना ही इसके लिए कोई सुविधा है। इसके साथ ही कचड़ा उठाव के लिए भी प्रशासन की ओर से किसी प्रकार का व्यवस्था नहीं है। इस कारण मजबूरी में लोग सड़क किनारे ही कचड़ा फेंकते हैं। जिसका नतीजा है कि कई स्थानों में सड़क किनारे कचड़े का अंबार लग गया है।
गंदगी फैलने के कारण क्षेत्र में बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। चांडिल बाजार के प्रवेश द्वार पर ही कचड़े का अंबार सरकार लगा रहने से स्वच्छ भारत मिशन की मंशा पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार से चांडिल बाजार में कचड़ा निस्तारण की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके लिए जगह-जगह डस्टबिन लगाने और नियमित रूप से कचड़ा संग्रह करने की मांग की है। वहीं क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने लोगों से सड़क से दूर कचड़ा फेंकने की अपील किया हैख् ताकि चांडिल क्षेत्र साफ-सुथरा और स्वस्थ बना रहे।