कुकडू, 31 मार्च : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के तिरुलडीह गांव में भक्ति, श्रद्धा और सनातन परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। श्री श्री अखंड महाभारत साप्ताहिक पाठ संकलन महायज्ञ का शुभारंभ एक दिव्य और भावनात्मक कलश यात्रा के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ पड़ी।
सुबह की पवित्र बेला में श्रद्धालु स्वर्णरेखा नदी के तट पर एकत्र हुए, जहां वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक विधि-विधान के बीच जल संकल्प लिया गया। महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भक्ति गीतों के साथ यात्रा निकाली, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। स्वर्णरेखा के पवित्र जल को लेकर श्रद्धालु हरिमंदिर प्रांगण पहुंचे, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना कर महायज्ञ का शुभारंभ किया गया।
हरिमंदिर परिसर में सात दिवसीय इस अनुष्ठान के दौरान महाभारत के विभिन्न प्रसंगों का पाठ, प्रवचन और आध्यात्मिक व्याख्यान होंगे। विद्वान आचार्य और प्रवक्ता धर्म, नीति और जीवन मूल्यों पर अपने विचार रखेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति होगी। अनुष्ठान के संयोजक पंडित वशिष्ठ नारायण पांडेय ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में नैतिकता, संस्कार और एकता का संदेश देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी क्षेत्रीय और बाहरी विद्वानों की उपस्थिति आयोजन को और अधिक गरिमामय बनाएगी।
आयोजन के तहत सोमवार को जागरण रात्रि का विशेष कार्यक्रम होगा, जबकि मंगलवार को पूर्णाहुति और भव्य कलश विसर्जन जुलूस के साथ महायज्ञ का समापन किया जाएगा।
इस पावन अवसर पर तिरुलडीह थाना प्रभारी कौशल कुमार, पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक साव, मुखिया सुधीर सिंह, विजय कोइरी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी ने इस धार्मिक आयोजन को एक जन-आस्था के उत्सव में बदल दिया है।