चुनावी सख्ती में फंसे थाना प्रभारी : बॉर्डर चेकिंग में 2.5 लाख नकद बरामद, 5 घंटे तक पूछताछ

Manbhum Updates
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सांकेतिक फोटो

धनबाद, 30 मार्च : पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सीमावर्ती इलाकों में सख्त निगरानी बरती जा रही है। सीमा पर बढ़ी इस सख्ती से यह साफ है कि चुनाव आयोग किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। सघन निगरानी का असर अब साफ तौर पर दिखने भी लगा है। सीमा पर बढ़ी इस सख्ती से यह साफ है कि चुनाव आयोग किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, चुनावी निष्पक्षता को लेकर सख्ती और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
दरअसल, झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा स्थित देबूडीह चेकपोस्ट पर चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें धनबाद के एक थाना प्रभारी की गाड़ी से ढाई लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। चुनाव के मद्देनजर देबूडीह चेकपोस्ट पर प्रतिदिन वाहनों की कड़ी जांच की जा रही है। इसी क्रम में जीटी रोड से गुजर रहे एक निजी वाहन को जब रोका गया, तो उसमें सवार व्यक्ति ने खुद को थाना प्रभारी बताते हुए प्रारंभ में जांच से बचने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस और फ्लाइंग स्क्वाड टीम के सख्त रुख के बाद वाहन की तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान वाहन से 2.5 लाख नकद बरामद हुआ। इसके बाद संबंधित थाना प्रभारी को हिरासत में लेकर करीब पांच घंटे तक पूछताछ की गई। चुनावी आचार संहिता लागू होने के कारण बड़ी मात्रा में नकदी लेकर चलने पर कड़ी पाबंदी है और इसके लिए वैध दस्तावेज एवं स्पष्ट उद्देश्य बताना अनिवार्य होता है। बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान थाना प्रभारी नकदी के स्रोत और इसके उपयोग को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। न ही वे यह स्पष्ट कर पाए कि राशि किसे और किस उद्देश्य से दी जानी थी। इस पर चुनाव आयोग की फ्लाइंग स्क्वाड टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि, झारखंड पुलिस की ओर से अबतक इस संबंध में किसी तरह का आधिकारिक बयान नहीं आया है।

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