चांडिल गोलचक्कर में 21 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा दिशोम बाहा (सरहुल) महोत्सव

▪️ दिशोम जाहेरगाढ़ में होगा भव्य आयोजन, पारंपरिक संस्कृति की दिखेगी झलक
चांडिल, 17 मार्च : झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, प्रकृति पूजा और आस्था का प्रतीक दिशोम बाहा (सरहुल) महोत्सव इस वर्ष शनिवार 21 मार्च को चांडिल गोलचक्कर स्थित दिशोम जाहेरगाढ़ में धूमधाम से मनाया जाएगा। इसको लेकर आयोजन समिति द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं और क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
दिशोम बाहा कमिटी के प्रेस प्रवक्ता सुदामा हेम्ब्रम ने जानकारी देते हुए बताया कि महोत्सव में आदिवासी समाज की पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक नृत्य-गीत और सामुदायिक सहभागिता के विविध आयोजन होंगे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों के शामिल होने की संभावना है।
समिति के अनुसार, कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे बांगा बुंग (पूजा-अर्चना) से होगी। इसके बाद सुबह 11 बजे बाहा हाटिंग (फूल वितरण), दोपहर 1 बजे बांगा साड़े हाटिंग (प्रसाद वितरण) तथा दोपहर 2 बजे बाहा एंजेल (धार्मिक नृत्य) का आयोजन किया जाएगा। रात्रि 8 बजे कार्यक्रम का समापन होगा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड सरकार के परिवहन एवं निबंधन मंत्री दीपक बिरुवा उपस्थित रहेंगे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में ईचागढ़ की विधायक सविता महतो एवं घाटशिला के विधायक समीर सोरेन भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।
समिति के अध्यक्ष दिलीप किस्कू, संयोजक गुरुचरण किस्कू, सह-संयोजक चाकू चांद किस्कू सहित अन्य पदाधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस सांस्कृतिक महोत्सव को सफल बनाने की अपील की है।
महोत्सव के माध्यम से आदिवासी समाज की परंपराओं, सांस्कृतिक धरोहर और प्रकृति के प्रति आस्था को संरक्षित एवं प्रसारित करने का संदेश दिया जाएगा।



