उपायुक्त से मिले जिले के नागरिक, शिकायतों के निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध निष्पादन का निर्देश
सरायकेला, 14 अक्टूबर : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत पातकुम गांव के विस्थापित परिवार को कांदरबेडा स्थित स्वर्णरेखा परियोजना द्वारा आवंटित भूखंड पर घर बनाने में एक व्यक्ति द्वारा बाधा उत्पन्न करने का मामला जिले के उपायुक्त के समक्ष पहुंच गया है। मंगलवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह के साप्ताहिक जनता दरबार इसके साथ ही कई मामले प्रस्तूत किए गए। जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं रखीं। उपायुक्त ने प्रत्येक फरियादी से क्रमवार भेंट कर उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना तथा त्वरित निष्पादन हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
इस दौरान पुत्र द्वारा पिता के साथ मारपीट कर बेचे हुए घर पर जबरन कब्जा करने तथा खरीदार को कब्जा न देने, आदित्यपुर स्थित कल्पना पुरी क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किए जाने, गम्हरिया प्रखंड के किसानों द्वारा तालाब जीर्णोद्धार एवं सिंचाई सुविधा सुदृढ़ करने, गम्हरिया अंचल कार्यालय में म्यूटेशन लंबित रखने तथा भूमि विवादों का समाधान करने, सारायकेला प्रखंड के विष्टुपादिका एवं कलापत्थर गांव के किसानों द्वारा कृषि भूमि में डीप बोरिंग की सुविधा प्रदान करने समेत भूमि विवाद एवं सीमांकन, राशन कार्ड में नाम विलोपन, सुधार तथा अन्य विभिन्न मामलों से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए।
उपायुक्त ने सभी आवेदनों की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है। सभी अधिकारी यह ध्यान रखें कि कार्यालयों में किसी भी प्रकार के बिचौलिये सक्रिय न हों, तथा आम नागरिकों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सरलता एवं सुगमता के साथ प्राप्त हो।
उन्होंने कहा कि सभी कार्यालय प्रधान, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जनता से प्राप्त शिकायतों का संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं प्राथमिकता के साथ निपटारा किया जाए। शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।