अवैध अफीम की खेती रोकने को लेकर चांडिल में जन संवाद कार्यक्रम — किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए किया गया प्रेरित

Manbhum Updates
3 Min Read

अवैध अफीम की खेती रोकने को लेकर चांडिल में जन संवाद कार्यक्रम — किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए किया गया प्रेरित

चांडिल, 13 अक्टूबर : अवैध अफीम की खेती रोकने के लिए चलाए जा रहे “Pre-Cultivation Drive” के तहत सोमवार को चांडिल प्रखंड के हैंसाकोचा पंचायत सचिवालय में जिला प्रशासन की ओर से जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

इस मौके पर उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, अनुमंडल पदाधिकारी विकास राय, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार, बीडीओ–सीओ चांडिल, थाना प्रभारी चौका, स्थानीय मुखिया, ग्राम प्रधान, मानकी–मुंडा और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित थे।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि अफीम की अवैध खेती समाज और परिवार के लिए बेहद घातक है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इस अवैध खेती को छोड़कर खरीफ–रबी फसलों, बागवानी और सब्जी की वैकल्पिक खेती अपनाएं। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन किसानों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और योजनागत लाभ उपलब्ध कराएगा ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि जागरूकता और आजीविका संवर्धन के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कार्यक्रम में महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी की सराहना की और कहा कि परिवर्तन की दिशा में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।

पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत ने अवैध अफीम की खेती से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की खेती में संलिप्त पाए जाने पर 20 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जागरूकता अभियान के परिणामस्वरूप कई किसानों ने स्वेच्छा से अपनी अवैध अफीम की फसल नष्ट की, जो सराहनीय कदम है।

इस दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों को विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी दी और वैकल्पिक खेती के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों के बीच सरसों, चना, मटर समेत अन्य फसलों के बीजों का वितरण किया गया। साथ ही चयनित लाभुकों को मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, फूलो-झानो आशीर्वाद योजना, धोती-साड़ी वितरण योजना और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया।

जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की कि वे नशे की अवैध खेती से दूर रहते हुए वैकल्पिक खेती के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएं।

Share This Article