आदिवासी जनाक्रोश रैली को लेकर टुईलाडुंगरी में हो समाज की हुई बैठक
जमशेदपुर, 05 अक्टूबर : आदिवासी बचाओ संघर्ष मोर्चा द्वारा आयोजित आदिवासी जन आक्रोश महारैली कि तैयारी शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जोरदार ढंग से चल रही है। इस दौरान लोगों में काफी आक्रोष देखा जा रहा है।
मानकी मुंडा संघ, हो समुदाय के लोगों ने एक सुर में कहा कि किसी भी हाल में कुड़मी को जनजाति सूची में शामिल होने नहीं देंगे। यदि किसी भी सरकार ने शामिल करने कि कोशिश कि तो जनता उसे सत्ता से बहार का रास्ता दिखाएगी। मालूम हो कि आदिवासी समुदायों ने 9 अक्टुबर को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष आक्रोष रैली का आयोजन किया है।
आक्रोश रैली को लेकर रविवार को टुईलाडुंगरी स्थित सरना स्थल में हो समाज की बैठक डिबर पूर्ति की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कुड़मी / कुर्मी को आदिवासी सूची में शामिल करने का विरोध किया गया। इस दौरान आदिवासी समाज के लोगो ने आदिवासी बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले 9 अक्टूबर को उपयुक्त कार्यालय के सामने आयोजित आदिवासी जनाक्रोश रैली को सफल बनाने का संकल्प लिया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कुड़मी / कुर्मी को आदिवासी का दर्जा दिए जाने का आदिवासी समाज कड़ा विरोध करता है। क्योंकि यह कदम संविधान और ऐतिहासिक तथ्यों के खिलाफ है। सभी ने एक स्वर में इस निर्णय का विरोध करने और अपनी संस्कृति व पहचान की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया। लोगों ने रैली में पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा के साथ बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल होंगे।
बैठक में सूरा बिरुली, रवि सवैयां, उपेंद्र बानरा, बीर सिंह बोदरा, मनीष बानरा, लक्ष्मण बोदरा, राज हांसदा, बुलंद सिंह सोय, रोउतु बारी, सुरेंद्र बानरा, सूरजु हेम्ब्रम, चूड़ी लामय, शंकर मुंदुईया, नवीन लेयांगी, राम बांकिरा, राम हेम्ब्रम, टिंकू गागराई, दशमी पूर्ति, सन्नी बारी आदि मौजूद थे।