मर्दानगी की नई परिभाषा : संवेदनशीलता और समानता की सीख

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जमशेदपुर, 01 अप्रैल : सामाजिक संस्था “युवा” यूथ यूनिटी फॉर वोलंटरी एक्शन के तत्वावधान में तथा गर्ल्स फर्स्ट फंड के सहयोग से तीन दिवसीय प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया गया। 30 मार्च से 1 अप्रैल तक समेकित जन विकास केंद्र, सुंदरनगर में आयोजित प्रशिक्षण का मुख्य विषय “जेंडर एवं मैस्क्युलिनिटी” रहा, जिसमें पोटका प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए 30 किशोरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य किशोरों को जेंडर की गहरी समझ प्रदान करना, मर्दानगी की पारंपरिक धारणाओं को चुनौती देना तथा समाज में व्याप्त विषैली मर्दानगी के प्रभावों को पहचानते हुए सकारात्मक बदलाव की दिशा में सोच विकसित करना था। प्रशिक्षण में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में नसरीन जमाल उपस्थित रहीं। जिन्होंने अपने अनुभव और सहज संवाद शैली से प्रतिभागियों को विषय से गहराई से जोड़ा।

प्रशिक्षण का संचालन परियोजना समन्वयक चांदमनी द्वारा किया गया। उन्होंने सरल, संवादात्मक और सहभागितापूर्ण शैली में किशोरों को जेंडर की परिभाषा, जेंडर पहचान, सामाजिक भूमिकाएं तथा उनसे जुड़ी रूढ़ियों के बारे में विस्तार से समझाया। विभिन्न गतिविधियों, समूह चर्चा और संवादात्मक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने अनुभव साझा करने और विषय को गहराई से समझने का अवसर मिला।

प्रशिक्षण के दौरान किशोरों ने यह जाना कि सकारात्मक मर्दानगी सहयोग, संवेदनशीलता और समानता को बढ़ावा देती है, जबकि विषैली मर्दानगी हिंसा, भेदभाव और असमानता को जन्म देती है। पितृसत्तात्मक व्यवस्था की जटिलताओं और उसके किशोरों के जीवन व सोच पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी विशेष चर्चा की गई, जिसे अत्यंत सहज और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। जिसमे प्रतिभागियों के भीतर एक नई सोच और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को विकसित करने का प्रयास किया गया ।

इस प्रशिक्षण को सफल बनाने में युवा की सचिव वर्णाली चक्रवर्ती ,परियोजना समन्वयक चांदमनी सवैयाँ, रीला सरदार, अवंती सरदार, अरूप मंडल और कापरा मांझी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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