ईचागढ़ : 37 करोड़ रुपये की सड़क बनने के साथ ही धंसने लगी – भ्रष्टाचार या अनियमितता?
ईचागढ़, 07 जुलाई : सरायकेला खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड अंतर्गत पातकुम-लावा निर्माणाधीन सड़क बनते ही जगह-जगह उखड़ने लगी है। कई जगहों पर सड़क धंसने लगी हैं। 37 करोड़ रुपए की लागत से बन रही इस सड़क में दरारें आ गई हैं। ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच और गुणवत्तापूर्ण निर्माण की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डुमटांड़ से लेकर पातकुम तक सड़क में जगह-जगह दरारें आ गई हैं और कालीकरण (पीच) उखड़ रहा है। आरोप है कि निर्माण में सिर्फ खानापूर्ति की गई है।
ग्रामीणों के अनुसार यह सड़क ईचागढ़ वासियों की लाइफ लाइन है। इसी सड़क से प्रखंड सह अंचल मुख्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राष्ट्रीय राजमार्ग और अनुमंडल कार्यालय तक आना जाना होता है। आरोप है कि संवेदक द्वारा उच्च गुणवत्ता तथा नियमानुसार निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि यह सड़क हमारे लिए बहुत जरूरी है। काम पूरा भी नहीं हुआ और सड़क टूटने लगी। पाटपुर से लेपाटांड़ मैदान और लेपाटांड़ गांव से रानी बांध तक अब तक निर्माण कार्य अधूरा है। ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या यह सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई हैं?
ग्रामीणों ने बताया कि निर्माणाधीन सड़क पर बालू लदे ओवरलोड हाइवा का परिचालन भी किया जा रहा है, जिससे सड़क और तेजी से खराब हो रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि भारी वाहनों के परिचालन पर तुरंत रोक लगाई जाए।
मालूम हो कि इस सड़क की स्वीकृति विधायक सविता महतो के प्रयास से मिली थी।
ग्रामीणों ने विभागीय अभियंता और संबंधित पदाधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराकर अविलंब गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों की लागत से बन रही सड़क यदि अभी से क्षतिग्रस्त हो रही है तो आने वाले समय में आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। प्रशासन से उम्मीद है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की जाएगी।