चेलियामा दुर्गा पूजा कमेटी से ‘जाड़ूखोल’ नाम हटाने की मांग, आदिवासी भूमिज समाज ने की बैठक  

MANBHUM UPDATES
2 Min Read

नीमडीह, 18 अक्टूबर : सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत डाहुबेड़ा गांव में शनिवार को भारत आदिवासी भूमिज समाज की बैठक आयोजित की गई। बैठक में चेलियामा दुर्गा पूजा कमेटी में लिखे गए ‘जाड़ूखोल’ नाम पर आपत्ति जताते हुए इसे हटाने की मांग की गई।

समाज के सदस्यों का कहना है कि ‘जाड़ू’ भूमिज समाज का गोत्र है। ऐसे में दुर्गा पूजा कमेटी में इस नाम का इस्तेमाल करने से समाज की पहचान और परंपराओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। सदस्यों ने स्पष्ट किया कि उन्हें दुर्गा पूजा के आयोजन से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन किसी आदिवासी भूमिज समाज के गोत्र के नाम का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी भूमिज समाज की रीति-रिवाज, संस्कृति और परंपराएं प्रकृति पर आधारित हैं। समाज की परंपराएं अन्य धार्मिक परंपराओं से अलग हैं। उन्होंने मृत्यु संस्कार, पूजा-पद्धति, परिक्रमा की दिशा और पारंपरिक पुजारी की भूमिका जैसी विभिन्नताओं का उल्लेख करते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण पर जोर दिया।

समाज के सदस्यों ने समाज का नाम बदनाम करने वाले लोगों को चिह्नित करने की बात भी कही। इसके साथ ही आदिवासी धर्म कोड, जल-जंगल-जमीन के अधिकार और वन अधिकार अधिनियम 2006, पेसा अधिनियम 1996, झारखंड पेसा नियमावली 2025 तथा छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम 1908 के संरक्षण का मुद्दा उठाया गया।

बैठक में बांधडीह के ग्राम प्रधान भानु प्रताप सिंह, डाहुबेड़ा के ग्राम लाया मंगल सिंह, हातु सरदार जगन्नाथ सिंह भूमिज, बृहस्पति सिंह सरदार, दुर्योधन सिंह, भारती सिंह, सुभाष सिंह, मंजूरा सिंह, भादू सिंह, सावित्री सिंह, लखन सिंह, महेंद्र सिंह, मंगल सिंह, जगन्नाथ सिंह, संतरी सिंह और भुवनेश्वरी सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

Share This Article