जलनिकासी बाधित होने से खेतों और आवासीय इलाकों में परेशानी, ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच और स्थायी समाधान की मांग
सरायकेला, 09 अक्टूबर : सरायकेला-खरसावां जिले के छोटा गम्हरिया में नाले की कथित जमीन पर अतिक्रमण और जलनिकासी बाधित होने से खेती पर संकट गहराने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि टाटा स्टील गम्हरिया के आसपास संचालित कुछ कंपनियों द्वारा खेतों के समीप से गुजरने वाले नाले के हिस्से में निर्माण कराए जाने से उसका प्राकृतिक प्रवाह क्षेत्र संकरा हो गया है। इससे बारिश के दौरान खेतों और आवासीय इलाकों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, इकोजोन कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड, फ्रेंड एसोसिएट, गुप्ता फाउंड्री और क्रॉस कंपनी के आसपास नाले के हिस्से में निर्माण किए जाने की शिकायत है। आरोप है कि नाले का प्रवाह क्षेत्र कम होने से पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। इसके कारण कहीं खेतों में पानी भर रहा है, तो कहीं आवासीय इलाकों की सड़कों पर पानी बहने लगता है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ कंपनियों में आने-जाने वाले कामगारों को भी परेशानी होती है।
निरीक्षण के बाद भी समाधान नहीं होने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है। शिकायतों के बाद तत्कालीन प्रभारी एसडीओ निवेदिता नियति, तत्कालीन अंचल अधिकारी अरविंद बेदीया और वर्तमान अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार ने स्थल निरीक्षण भी किया था। इसके बावजूद ग्रामीणों के अनुसार, नाले की स्थिति में कोई ठोस बदलाव नहीं हुआ है और जलनिकासी की समस्या बनी हुई है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि बार-बार शिकायत और स्थल निरीक्षण के बावजूद नाले की सीमांकन एवं पैमाइश कर उसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की गई। उनका कहना है कि नाले की भूमि की प्रकृति, उसके मूल प्रवाह क्षेत्र और संबंधित निर्माणों की वैधता की जांच जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, नाले की जमीन का सीमांकन करने और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में अतिक्रमण या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई कर नाले का मूल प्रवाह बहाल कराया जाए, ताकि खेती योग्य जमीन को जलजमाव से बचाया जा सके और आवासीय क्षेत्रों के लोगों को भी राहत मिले।



