पांडरा में खेत में काम कर रहीं पांच महिलाओं पर गिरी बिजली, दो की मौत – तीन झुलसीं

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वज्रपात से गांव में पसरा मातम, घायलों का पातकुम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा इलाज – जिप उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने जताया शोक

 

कुकड़ू, 07 सितंबर : सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत पांडरा गांव में सोमवार दोपहर वज्रपात की दर्दनाक घटना में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतकों की पहचान सोना मनी महतो (46) और मुक्ता महतो (27) के रूप में हुई है। वहीं, घायल महिलाओं में सरिता गोप (32), सुनीता महतो (40) और भानु महतो (60) शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब दो बजे पांचों महिलाएं खेत में काम कर रही थीं। इसी दौरान अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज बारिश के साथ आसमान में बिजली कड़कने लगी। देखते ही देखते खेत में वज्रपात हो गया, जिसकी चपेट में पांचों महिलाएं आ गईं। वज्रपात की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सोना मनी महतो और मुक्ता महतो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सरिता गोप, सुनीता महतो और भानु महतो गंभीर रूप से झुलस गईं।

वज्रपात की तेज आवाज से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। तिरुलडीह पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से तीनों घायल महिलाओं को एंबुलेंस के माध्यम से इलाज के लिए ईचागढ़ के पातकुम स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां उनका इलाज चल रहा है।

इधर, पुलिस ने दोनों मृत महिलाओं के शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया।

जिप उपाध्यक्ष ने जताया शोक

घटना की जानकारी मिलते ही जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से घटना की जानकारी लेते हुए पीड़ित परिवारों को सरकारी प्रावधान के तहत मिलने वाले मुआवजे की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का निर्देश दिया।

मधुश्री महतो ने दोनों मृत महिलाओं के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही घायल महिलाओं के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि बारिश और वज्रपात के दौरान खुले खेतों, पेड़ों, बिजली के खंभों और अन्य खुले स्थानों से दूर रहें तथा सुरक्षित स्थान पर शरण लें। घटना के बाद ग्रामीण घायल महिलाओं के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना और दुआ कर रहे हैं।

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