बड़े वाहनों पर मेहरबानी, ट्रैक्टरों पर कार्रवाई? तिरूलडीह में कथित बालू कारोबार को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल

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बड़े वाहनों पर मेहरबानी, ट्रैक्टरों पर कार्रवाई? तिरूलडीह में कथित बालू कारोबार को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल

चांडिल, 30 अगस्त : सरायकेला खरसावां जिले के तिरूलडीह थाना क्षेत्र में कथित अवैध बालू परिवहन को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। तिरूलडीह-सिरकाडीह के ग्राम प्रधान सह पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक कुमार साहू उर्फ माझी साव ने शनिवार को चौका स्थित एक होटल में प्रेस वार्ता कर थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि अवैध बालू परिवहन के खिलाफ कार्रवाई में कथित तौर पर दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं।

माझी साव का आरोप है कि तिरूलडीह क्षेत्र में दिन-रात बालू लदे हाइवा का परिचालन हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि गश्ती के दौरान भी ऐसे बड़े वाहनों को कथित रूप से बेरोकटोक गुजरने दिया जाता है। वहीं, दूसरी ओर पीएम आवास अथवा निजी निर्माण कार्य के लिए बालू ले जा रहे ट्रैक्टरों पर कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बालू के अवैध परिवहन पर रोक है, तो बड़े वाहनों पर भी समान रूप से कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।

बंगाल सीमा तक बालू पहुंचने का दावा

पूर्व जिप उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि तिरूलडीह क्षेत्र से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर बालू बंगाल सीमा की ओर ले जाया जा रहा है। वहां बालू डंप किए जाने का भी उन्होंने दावा किया। उनका कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी है, तो ऐसे वाहनों और कथित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

जब्त बालू की मात्रा को लेकर भी सवाल

प्रेस वार्ता में उन्होंने खनन विभाग द्वारा पूर्व में जब्त किए गए करीब 20 लाख सीएफटी बालू का मुद्दा भी उठाया। उनका दावा है कि करीब एक लाख सीएफटी बालू की नीलामी की गई थी, लेकिन शेष बालू की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीलामी की प्रक्रिया की आड़ में बड़ी मात्रा में बालू कथित रूप से गायब कर दिया गया। इस मामले की जानकारी अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद जांच नहीं होने का भी उन्होंने आरोप लगाया।

वरीय अधिकारियों से शिकायत की तैयारी

माझी साव ने कहा कि तिरूलडीह में कथित अवैध बालू परिवहन और पुलिस की भूमिका से जुड़े आरोपों की शिकायत वरीय पुलिस अधिकारियों तथा खनन विभाग से की जाएगी। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई हो।

हालांकि, प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित थाना प्रभारी अथवा पुलिस विभाग का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

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