श्रम, सादगी और प्रकृति संरक्षण का संदेश लेकर मना विश्व आदिवासी दिवस

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पटमदा थाना परिसर में साल के पौधे रोपे गए, तिलका मांझी, सिदो-कान्हू और बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि

पटमदा, 9 अगस्त : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को पटमदा थाना परिसर में प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए थाना परिसर में झारखंड के राजकीय वृक्ष साल के पौधे लगाए गए। वहीं वीर शहीद तिलका मांझी, सिदो-कान्हू और बिरसा मुंडा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उनके संघर्ष और बलिदान को याद किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पटमदा के अंचल निरीक्षक अजय कुमार मुंडा ने कहा कि आदिवासी समाज की जीवनशैली सदियों से श्रम, सादगी, सरलता, स्वाभिमान और संघर्ष के साथ प्रकृति के साथ सामंजस्य पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन का संरक्षण आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। प्रकृति के प्रति आदिवासी समाज की संवेदनशीलता आज पूरे विश्व के लिए प्रेरणा का विषय है।

समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने कहा कि आदिवासी जीवन-दर्शन प्रकृति के संरक्षण और उसके मूल स्वरूप को बनाए रखने की सीख देता है। फसलों की पारंपरिक नस्लों से लेकर जंगल, नदी, पहाड़ और धरती तक को सुरक्षित रखना इस जीवन-दर्शन की मूल भावना है। उन्होंने कहा कि विकास की दौड़ में प्रकृति के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ के बजाय उसके संरक्षण पर जोर देने की जरूरत है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने वीर शहीदों के संघर्ष और बलिदान को नमन करते हुए जल, जंगल, जमीन और प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण को सुरक्षित रखने तथा आदिवासी भाषा, संस्कृति, परंपरा और जीवन-मूल्यों के संरक्षण का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में अंचल निरीक्षक अजय कुमार मुंडा, समाजसेवी विश्वनाथ महतो, देश पारानिक जितु मुर्मू, पटमदा थाना के एसआई तंदुर आर्सेन, एएसआई प्रशांत कुमार, सुखराम हेंब्रम, हर्मन लांग, एएसआई विजय कुमार, सागर माण्डी, सुकदेव हेम्ब्रम, जितेंद्र मुर्मू, अजय मुर्मू, शंकर सोरेन, सुभाष हेंब्रम समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

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