चांडिल, 03 अगस्त : दलमा वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र के माकुलाकोचा में रविवार को आयोजित ईको कॉटेज (ईको रिट्रीट) उद्घाटन समारोह के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद गहरा गया है। कार्यक्रम के बाद दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच तथा केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री के सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार महतो ने अलग-अलग प्रेस विज्ञप्ति जारी कर वन विभाग पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच के केंद्रीय सचिव एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुकलाल पहाड़िया ने आरोप लगाया कि संगठन के प्रतिनिधियों को पर्यटन मंत्री से मुलाकात के लिए गलत समय बताया गया। उनका कहना है कि मंत्री सुदिव्य कुमार दोपहर करीब 12 बजे कार्यक्रम में पहुंचकर उद्घाटन के बाद लौट गए, जबकि वन विभाग के अधिकारियों ने संगठन को दोपहर 2 बजे मिलने का समय दिया था। इसके कारण स्थानीय ग्राम सभाओं की समस्याओं, वनाधिकार, जल-जंगल-जमीन और स्थानीय अधिकारों से संबंधित ज्ञापन मंत्री को नहीं सौंपा जा सका।
मंच ने आरोप लगाया कि इस कारण स्थानीय समुदाय की आवाज सरकार तक नहीं पहुंच सकी। संगठन ने भविष्य में सरकारी कार्यक्रमों में ग्राम सभाओं और उनके प्रतिनिधियों की समय पर भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि लगातार अनदेखी होने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
वहीं, सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार महतो ने वन विभाग पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा आदिवासी परंपराओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में सांसद के सम्मान के अनुरूप व्यवस्था नहीं की गई, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया तथा पूजा-अर्चना के लिए स्थानीय पाहन, लाया और पंडितों के बजाय बाहर से लोगों को बुलाया गया। उन्होंने कार्यक्रम संचालन के लिए भी बाहरी संचालक बुलाने पर आपत्ति जताई।
मनोज कुमार महतो ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में सरकारी आयोजनों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, आदिवासी धार्मिक परंपराओं और स्थानीय प्रतिभाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
हालांकि, इन आरोपों पर वन विभाग की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।