आदिवासी युवती को न्याय दिलाने के लिए आदिवासी संगठनों ने बनाई रणनीति, वरीय अधिकारियों से मिलने का निर्णय

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चांडिल, 20 जून : सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी में आदिवासी युवती अल्पना माहली के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले को लेकर आदिवासी संगठनों ने आंदोलन की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में शनिवार को चांडिल प्रखंड के कांदरबेड़ा में विभिन्न आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आदिवासी मूलवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अल्पना माहली के साथ हुई घटना केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा विषय है। प्रतिनिधियों ने कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए वे राज्य सरकार और पुलिस विभाग के वरीय अधिकारियों से मुलाकात करेंगे तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग रखेंगे।

बैठक में मौजूद नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि मामले में आरोपित पुलिसकर्मियों के निलंबन की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उनका कहना था कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि यदि न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो व्यापक स्तर पर आंदोलन चलाने पर विचार किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न आदिवासी संगठनों और सामाजिक समूहों को एकजुट करने की रणनीति भी तैयार की जा रही है।

बैठक में उपस्थित लोगों ने अल्पना माहली के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़ा है और दोषियों को सजा दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा। बैठक के दौरान आगे की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई तथा आंदोलन को संगठित रूप से आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। इस मौके पर बिरसा समिति के केंद्रीय अध्यक्ष दिनकर कच्छप, इंद्रो हेम्ब्रम, शिवशंकर माहली, नारायण माहली, रविन्द्र नाथ सिंह, आकाश महतो, सत्यनारायण मुर्मू, राहुल माहली, परशुराम महतो, लालटू महतो, अजय सिंह जामुदा, महावीर कर्मकार, प्रकाश महतो, दीपक महतो, संतोष महतो, निरंजन सिंह मुंडा, वृंदावन सिंह, नारायण महतो आदि मौजूद थे।

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