मौत के प्रमाण पत्र से शुरू हुआ विवाद, अब निगम के गलियारों में गूंज रहे कई सवाल

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मौत के प्रमाण पत्र से शुरू हुआ विवाद, अब निगम के गलियारों में गूंज रहे कई सवाल

शिकायत, विरोध और प्रभार छोड़ने की मांग… आखिर आदित्यपुर नगर निगम में चल क्या रहा है?

सरायकेला/आदित्यपुर, 09 जून : एक मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया से शुरू हुआ विवाद अब आदित्यपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। मामला केवल कथित रिश्वतखोरी के आरोप तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि शिकायत के बाद हुए प्रशासनिक घटनाक्रम ने पूरे प्रकरण को और रहस्यमय बना दिया है।

नगर निगम में दर्ज एक लिखित शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दादी के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए निगम के एक कर्मी द्वारा 4 हजार रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस राशि में 2 हजार रुपये एफिडेविट तैयार कराने और 2 हजार रुपये अन्य मद में लेने की बात कही गई थी। शिकायत सामने आने के बाद युवा जनशक्ति मोर्चा ने विरोध प्रदर्शन भी किया।

इसी बीच एक नया मोड़ तब आया जब जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र शाखा का दायित्व संभाल रहीं उपनगर आयुक्त पारुल सिंह ने स्वयं इस शाखा के प्रभार से मुक्त किए जाने का अनुरोध कर दिया। उनके पत्र में शिकायत की जांच कराने और फाइल आगे बढ़ाने का उल्लेख है, लेकिन अंतिम निर्णय का जिक्र नहीं है।

अब सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि शिकायत की जांच हुई तो उसका परिणाम क्या निकला? यदि आरोप सही थे तो कार्रवाई कहां है, और यदि आरोप निराधार थे तो इसे सार्वजनिक रूप से स्पष्ट क्यों नहीं किया गया?

फिलहाल उपलब्ध दस्तावेज शिकायत और प्रशासनिक पत्राचार तक सीमित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है तथा आरोपित कर्मी का पक्ष भी सामने नहीं आया है। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। लेकिन इतना तय है कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र शाखा से जुड़ा यह विवाद अब नगर निगम की पारदर्शिता और जवाबदेही की परीक्षा बन गया है।

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