
मंईयां सम्मान योजना के लंबित भुगतान से लेकर जमीन विवाद तक की शिकायतें पहुंचीं, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर भी जोर
सरायकेला, 09 अक्टूबर : सरायकेला-खरसावां समाहरणालय में शुक्रवार को आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह ने आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान भूमि एवं आवास पर अवैध अतिक्रमण, झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लंबित भुगतान और दुर्गापूजा के दौरान नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से उठीं। उपायुक्त ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं से उपायुक्त को अवगत कराया। कुछ मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया गया, जबकि अन्य शिकायतों को संबंधित विभागों के पास भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। ईचागढ़ प्रखंड के पाटपुर गांव में सार्वजनिक स्थल की चारदीवारी निर्माण के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, आपूर्ति और जीपीएफ कार्यालय से संबंधित मामले भी सामने आए।
दुर्गापूजा से पहले सड़क, सफाई और रोशनी दुरुस्त करने पर जोर
आदित्यपुर-गम्हरिया क्षेत्र में दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर भी चर्चा हुई। नगर निगम क्षेत्र में पूजा पंडालों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाने, पहुंच पथ की मरम्मत करने और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने की जरूरत बताई गई।
लाल बिल्डिंग से दुर्गापूजा पंडाल तक सर्विस रोड को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग भी उठी। इसके अलावा प्रमुख चौक-चौराहों पर यातायात नियंत्रण, जरूरत के अनुसार मार्ग परिवर्तन, बैरिकेडिंग, पुलिस बल एवं स्वयंसेवकों की तैनाती और सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था दुरुस्त रखने पर जोर दिया गया। पूजा पंडालों के आसपास पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का सहयोग
जनता दरबार में मुंडातांड़, सरायकेला स्थित सीएलएफ भवन की जर्जर छत की मरम्मत और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का मामला भी सामने आया। महिलाओं ने बेकरी मशीन सहित आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की जरूरत बताई।
उपायुक्त ने महिला समिति के सदस्यों से संवाद कर उनकी रुचि और आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को महिलाओं की रुचि के अनुरूप स्वरोजगार के संभावित क्षेत्रों की पहचान करने, प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा जरूरत के अनुसार उपकरण एवं अन्य सहयोग प्रदान करने की दिशा में कार्रवाई करने का निर्देश दिया, ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को शिकायतों की जांच कर तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा आवेदकों को की गई कार्रवाई से अवगत कराने का निर्देश दिया।