उपायुक्त के जनता दरबार में पहुंचा हेमकुसमी गैस एजेंसी द्वारा अधिक राशि लेने का मामला

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सरायकेला, 02 जून : हेमकुसमी इंडियन ग्रामीण वितरक, सोडो गैस एजेंसी द्वारा गैस उपलब्ध करने में कथित रुप से अधिक राशि कई मांग करने का मामला उपायुक्त के जनता दरबार तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि गैस एजेंसी की ओर से सिलिंडर का निर्धारित मूल्य से अधिक राशि की मांग की जाती है। मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय कक्ष में आयोजित जनता दरबार के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों, पंचायतों एवं ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे आम नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं शिकायतों से उपायुक्त नितिश कुमार सिंह को अवगत कराया। उपायुक्त ने सभी आवेदकों से क्रमवार मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन आमजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागीय पदाधिकारियों को जनशिकायतों के प्रति संवेदनशील रहते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।जनता दरबार में फरियादी अपनी विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों को लेकर उपस्थित हुए। प्राप्त आवेदनों पर उपायुक्त ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कई मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन किया तथा अन्य मामलों के नियमानुसार एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

जनता दरबार में मुख्य रूप से कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत 15वें वित्त आयोग के कार्य में एम.बी. निर्गत करने के लिए पंचायत सचिव द्वारा कथित रूप से रिश्वत की मांग किए जाने, चांडिल प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कंदरबेडा दोमुहानी चौक चौड़ीकरण में जटिल समस्याओं का विशेष ध्यान रखने, राजनगर प्रखंड अंतर्गत ग्राम छोटा कुनाबेड़ा टोला शोकाडकोचा की जर्जर सड़क की मरम्मती, झारखंड के तेजस्वी अनुसूचित जनजाति पुरान को सीएनटी एक्ट में शामिल करने , आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या-02 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका चयन में अनियमितता की शिकायत की गई।

ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित लेयर पोल्ट्री फार्म से उत्पन्न प्रदूषण एवं स्वच्छता संबंधी समस्या के निमित्त नियमानुसार करवाई करने, भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड तथा अन्य जनहित से जुड़े आवेदन प्राप्त हुए। प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाई करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

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